शारदीय नवरात्रि / Sharad Navratri
माँ दुर्गा के नौ रूप की नौ दिन तक पूजा — व्रत, गरबा और शक्ति-आराधना का पर्व।
समीक्षा: Anand Kulkarni, संपादक
महत्व
आश्विन मास की नौ रातों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूप — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक — की पूजा होती है। यह शक्ति, भक्ति और नए आरंभ का प्रतीक है; गुजरात-महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया की धूम रहती है।
पूजा विधि
- 1पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) करें।
- 2रोज़ माँ दुर्गा की आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें।
- 3व्रती लोग सात्विक फलाहार लें।
- 4अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन करके व्रत खोल दें।
Aksar Pooche Jaane Wale Sawal
शारदीय नवरात्रि 2026 कब है?
शारदीय नवरात्रि 11 October 2026 को है।
शारदीय नवरात्रि का शुभ मुहूर्त क्या है?
घटस्थापना सुबह के शुभ मुहूर्त में, या अभिजित मुहूर्त में करें।
शारदीय नवरात्रि कैसे मनाया जाता है?
पहले दिन शुभ मुहूर्त में घटस्थापना (कलश स्थापना) करें। रोज़ माँ दुर्गा की आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। व्रती लोग सात्विक फलाहार लें। अष्टमी/नवमी पर कन्या पूजन करके व्रत खोल दें।
शारदीय नवरात्रि का महत्व क्या है?
आश्विन मास की नौ रातों में माँ दुर्गा के नौ स्वरूप — शैलपुत्री से सिद्धिदात्री तक — की पूजा होती है। यह शक्ति, भक्ति और नए आरंभ का प्रतीक है; गुजरात-महाराष्ट्र में गरबा-डांडिया की धूम रहती है।
तिथियाँ हिंदू पंचांग से सत्यापित। संपादन: भारतबोल संपादकीय डेस्क.