प्रदोष व्रत / Pradosh Vrat

महीने में 2 बार

प्रदोष व्रत हर त्रयोदशी (महीने में दो बार) भगवान शिव को समर्पित है — प्रदोष काल (शाम) में पूजा होती है।

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प्रदोष व्रत की तिथियाँ card

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आने वाली तिथियाँ

महत्व

प्रदोष व्रत से शिव-पार्वती की कृपा मिलती है। वार के हिसाब से नाम बदलता है (सोम प्रदोष, भौम प्रदोष, शनि प्रदोष)।

व्रत विधि

त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजा की जाती है।

Aksar Pooche Jaane Wale Sawal

अगली प्रदोष व्रत कब है?

अगली प्रदोष व्रत Mon, 27 July 2026 को है।

प्रदोष व्रत कैसे मनाएं?

त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजा की जाती है।

तिथियाँ पंचांग के हिसाब से निकाली गई हैं (Drik Panchang से सत्यापित की जाती हैं)।