प्रदोष व्रत / Pradosh Vrat
महीने में 2 बार
प्रदोष व्रत हर त्रयोदशी (महीने में दो बार) भगवान शिव को समर्पित है — प्रदोष काल (शाम) में पूजा होती है।
समीक्षा: Anand Kulkarni, संपादक
आने वाली तिथियाँ
- Wed, 26 August 2026
- Wed, 9 September 2026
- Thu, 24 September 2026
- Thu, 8 October 2026
- Sat, 24 October 2026
- Sat, 7 November 2026
- Sun, 22 November 2026
- Sun, 6 December 2026
- Tue, 22 December 2026
- Tue, 5 January 2027
- Wed, 20 January 2027
- Thu, 4 February 2027
महत्व
प्रदोष व्रत से शिव-पार्वती की कृपा मिलती है। वार के हिसाब से नाम बदलता है (सोम प्रदोष, भौम प्रदोष, शनि प्रदोष)।
व्रत विधि
त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजा की जाती है।
Aksar Pooche Jaane Wale Sawal
अगली प्रदोष व्रत कब है?
अगली प्रदोष व्रत Wed, 26 August 2026 को है।
प्रदोष व्रत कैसे मनाएं?
त्रयोदशी के दिन सूर्यास्त के बाद प्रदोष काल में शिव पूजा की जाती है।
तिथियाँ पंचांग के हिसाब से निकाली गई हैं (Drik Panchang से सत्यापित की जाती हैं)।