नाग पंचमी / Nag Panchami
नाग देवता की पूजा का पर्व — सावन में नाग को दूध अर्पित करके रक्षा और समृद्धि की कामना।
महत्व
श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा होती है। हिंदू परंपरा में नाग को भगवान शिव का आभूषण और विष्णु की शय्या (शेषनाग) माना जाता है। इस दिन नाग-पूजा से भय और काल-सर्प दोष से मुक्ति मानी जाती है।
पूजा विधि
- 1नाग देवता या उनकी प्रतिमा/चित्र पर दूध और जल अर्पित करें।
- 2हल्दी, कुमकुम और फूल से पूजा करें।
- 3नाग पंचमी कथा सुनें और दान करें।
Aksar Pooche Jaane Wale Sawal
नाग पंचमी 2026 कब है?
नाग पंचमी 17 August 2026 को है।
नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त क्या है?
पूजा सुबह/प्रातःकाल में; पंचमी तिथि पूजा-काल में प्रबल रहती है।
नाग पंचमी कैसे मनाया जाता है?
नाग देवता या उनकी प्रतिमा/चित्र पर दूध और जल अर्पित करें। हल्दी, कुमकुम और फूल से पूजा करें। नाग पंचमी कथा सुनें और दान करें।
नाग पंचमी का महत्व क्या है?
श्रावण शुक्ल पंचमी को नाग देवता की पूजा होती है। हिंदू परंपरा में नाग को भगवान शिव का आभूषण और विष्णु की शय्या (शेषनाग) माना जाता है। इस दिन नाग-पूजा से भय और काल-सर्प दोष से मुक्ति मानी जाती है।
तिथियाँ हिंदू पंचांग से सत्यापित। संपादन: भारतबोल संपादकीय डेस्क.