हरतालिका तीज / Hartalika Teej
स्त्रियाँ शिव-पार्वती के लिए कठिन निर्जला व्रत रखती हैं — गणेश चतुर्थी से एक दिन पहले।
महत्व
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को माँ पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए रेत से शिवलिंग बनाकर तपस्या की थी। इस दिन सुहागन और कुंवारी महिलाएँ अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
पूजा विधि
- 1सूर्योदय से निर्जला व्रत का संकल्प लें।
- 2रेत/मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाकर श्रृंगार समेत पूजा करें।
- 3हरतालिका तीज कथा सुनें; अगले दिन सूर्योदय बाद पारण करें।
Aksar Pooche Jaane Wale Sawal
हरतालिका तीज 2026 कब है?
हरतालिका तीज 14 September 2026 को है।
हरतालिका तीज का शुभ मुहूर्त क्या है?
पूजा प्रातःकाल या प्रदोष काल में शुभ है; व्रत अगले दिन खुलता है।
हरतालिका तीज कैसे मनाया जाता है?
सूर्योदय से निर्जला व्रत का संकल्प लें। रेत/मिट्टी से शिव-पार्वती की मूर्ति बनाकर श्रृंगार समेत पूजा करें। हरतालिका तीज कथा सुनें; अगले दिन सूर्योदय बाद पारण करें।
हरतालिका तीज का महत्व क्या है?
भाद्रपद शुक्ल तृतीया को माँ पार्वती ने भगवान शिव को पाने के लिए रेत से शिवलिंग बनाकर तपस्या की थी। इस दिन सुहागन और कुंवारी महिलाएँ अखंड सौभाग्य और मनचाहा वर के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
तिथियाँ हिंदू पंचांग से सत्यापित। संपादन: भारतबोल संपादकीय डेस्क.