गोवर्धन पूजा / Govardhan Puja
9 November 2026Puja · North India
दिवाली के अगले दिन — गोवर्धन पर्वत और भगवान कृष्ण की पूजा, अन्नकूट का भोग।
महत्व
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रज-वासियों की रक्षा की थी। इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा होती है और अन्नकूट (छप्पन भोग) लगाया जाता है।
पूजा विधि
- 1गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और सजाए।
- 2गोवर्धन और कृष्ण जी की परिक्रमा करके पूजा करें।
- 3अन्नकूट (विभिन्न पकवान) का भोग लगाए।
Aksar Pooche Jaane Wale Sawal
गोवर्धन पूजा 2026 कब है?
गोवर्धन पूजा 9 November 2026 को है।
गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है?
पूजा सुबह या प्रदोष काल में की जा सकती है।
गोवर्धन पूजा कैसे मनाया जाता है?
गोबर से गोवर्धन पर्वत की आकृति बनाएं और सजाए। गोवर्धन और कृष्ण जी की परिक्रमा करके पूजा करें। अन्नकूट (विभिन्न पकवान) का भोग लगाए।
गोवर्धन पूजा का महत्व क्या है?
कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के प्रकोप से ब्रज-वासियों की रक्षा की थी। इस दिन गोबर से गोवर्धन बनाकर पूजा होती है और अन्नकूट (छप्पन भोग) लगाया जाता है।
तिथियाँ हिंदू पंचांग से सत्यापित। संपादन: भारतबोल संपादकीय डेस्क.